नादान एक आशिक़

नादान इस आशिक़ की बस इतनी सी कहानी है
वक्त दर वक्त तुझसे प्यार करने की ठानी है।
टुटा हज़ारो दफा रूठा कितने ही पल
बस तेरे खातिर इसने
सदा अपने दिल की बातें मानी हैं।।
नादान इस आशिक़ की
बस इतनी सी कहानी है।।

ना आने वाले पल की चिंता सताती थी उसको
ना बीते हुए कल की याद आती थी उसको।
ज्यादा कुछ तो नहीं चाहता था,
बस वो लड़की खुश रहे हमेशा,
ज़िन्दगी से यही एक ख्वाइश थी उसको।
वो खुश है तो हर रात सुहानी है,
नादान इस आशिक़ की,
बस इतनी सी कहानी है।।

अपने प्यार का इजहार करने से डरता था वो,
अपने दिल की बातें बयां करने से डरता था वो।
कहीं बढ़ ना जाएं दूरियां दोनों में,
अपने जज्बातों को अंदर ही दबा के रखता था वो।
अगर साथ है उसका तो खुशहाल ये ज़िन्दगानी है,
नादान इस आशिक़ की,
बस इतनी सी कहानी है।।

आखिर एक दिन अनकही बातें लबों पर आ गई
दिल में छुपी भावनाएं खुल के उभर आ गई।
हुआ वही डर था जिसका,
एक बार फिर सच्चाई दूरियां बना गयी।
लगता था खुदा ने रची उसके साथ साजिश है,
नादान इस आशिक़ की,
बस इतनी सी कहानी है।।

देखा था एक सुनहरा ख्वाब जो पूरा हो न सका
अश्क़ रुकते न थे और कोई रोक न सका।
सिलसिला कुछ युहीं चलता गया,
और एक दिन उसे जाने से कोई रोक न सका।
जीता था जिसके लिए वो इसकी बेगानी है,
नादान इस आशिक़ की,
बस इतनी सी कहानी है।।

आयी उसकी कब्र पर पुरानी बातें सुलझाने को,
मरने के बाद याद आयी दूरियां मिटाने को।
आँखों में आंसू लिए
आयी थी वो उसे फूल चढाने को।
आखिर याद तो अब उसे भी आनी है,
नादान इस आशिक़ की
बस इतनी सी कहानी है।।
नादान इस आशिक़ की
बस इतनी सी कहानी है।।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s