तेर मेरे लम्हे

ज़िन्दगी ने उड़ाया हमेशा मजाक मेरा

हर दम ही जीती जिंदगी मुझसे

और मुझे आदत हो गयी थी हारने की

आदत हो गयी थी गम सहने की

आदत थी मुझे तनहा रहने की.

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कहते है लोग

हर गम का होता है एक अंत

सच साबित हुई ये बात दुनिया की

जब हुई मुलाकात तेरे संग।

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वो तेरा मेरे साथ मुस्कुराना

उन कातिल निगाहों से देखना

मदहोश कर देती है वो जुल्फें तेरी

सदा खुश रखती हैं बातें तेरी।

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धीरे धीरे इतने करीब आ गयी तू

अब दूर होने का जी नही करता

कुछ ही दिन हुए तुझसे मिले

मगर अलग होने का जी नहीं करता।

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अब तो आदत पड़ चुकी है तेरी 

रात भर बात करने की

तेरा मजाक उड़ाने की

तुझसे झगड़ा कर के 

फिर तुझे मनाने की।

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तुझसे बातें करते हुए सोता हूँ

तुझसे बातें करते हुए उठता हूँ

जब नहीं होती है तू पास मेरे

तेरे तस्वीर देख अपना गुजारा करता हूँ।

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हाँ मैं मानता हूं

बहुत बुरी हैं आदतें मेरी

लेकिन इतना बुरा होते हुए भी जब देती है तू साथ मेरा

अच्छा लगता है

अच्छा लगता है जब तू प्यार से समझाती है मुझे

अच्छा लगता है जब गलतियां करने से रोकती है मुझे।

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हुई हो कभी कोई खता मुझसे

तो माफ़ करना 

दुखाया हो कभी गलती से तेरे दिल को

तो माफ़ करना

भले हो जाना गुस्सा तू मुझसे

थोड़ा डांट लेना थोड़ा मार लेना

लेकिन मेरी ज़िन्दगी से कभी दूर न होना।।

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