हसरत

की खोल रहा हूँ पिटारा अपनी हसरतों का, की ऐ हसरत तुझे मालूम तो है ही, की तू हसरत है … Continue reading हसरत

एक चाह

ऐसे हर पल मुझसे नजरें चुराया न करो। सामने जब मैं होता हूँ, ऐसे पलकें झुकाए, शर्माया न करो। हों … Continue reading एक चाह