अपने पौधे

कविता- जिंदगी- अपने पौधे (अंकुर कुमार) Continue reading अपने पौधे

Advertisements
हसरत

हसरत

की खोल रहा हूँ पिटारा अपनी हसरतों का, की ऐ हसरत तुझे मालूम तो है ही, की तू हसरत है … Continue reading हसरत